श्रेणियाँ श्री माँ के वचन

अभिव्यंजना और अभिव्यक्ति 

एक क्षण के लिए भी यह न भूलो कि यह सब स्वयं भगवान् ने अपने आपमें से बनाया है । वे केवल हर चीज में उपस्थित ही नहीं हैं अपितु स्वयं हर चीज हैं । भेद केवल अभिव्यंजना और अभिव्यक्ति में है ।

अगर तुम यह भूल जाओ तो सब कुछ खो बैठोगे ।

सन्दर्भ : माताजी के वचन (भाग – ३)

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