सावित्री अग्रवाल ने १९४० के दशक के आरंभ में जब प्रथम बार श्रीअरविंद और श्रीमाँ के दर्शन किये तभी उन्होने…
मेरी नन्ही 'शाश्वत मुस्कान', मुस्कराती जाओ और विशेष रूप से जब कठिनाइयाँ आयें तो और भी अधिक मुस्कुराओ। मुस्कानें सूर्य…
आपने कहा है कि गलत गति का दमन करने से वह बस दब जाती है, यदि उसे पूरी तरह निकालना…
श्री पृथ्वीसिंह नाहर की पुत्रवधू राजसेना अपने तीन नन्हें-मुन्नों को लेकर आश्रम में रहती थीं। एक दिन उसकी तीन वर्षीया…
लता जौहर बचपन में प्रखर स्वभाव की बालिका थी। लगभग ५० वर्ष पूर्व की बात है, एक दिन बालिका लता…
मेरे प्रभु के नाम पर, मेरे प्रभु के लिए, मेरे प्रभु के संकल्प के साथ, मेरे प्रभु की शक्ति द्वारा,…
यह आश्रम दूसरे आश्रमों की तरह नहीं है - यहाँ के सदस्य सन्यासी नहीं हैं, वास्तव में यहाँ योग का…
सांसारिक जीवन का परित्याग करने से पहले साधू बनमालीदास बिहार में जज थे। बाद में उन्होने नर्मदा के तट पर…
कुछ समय से मुझे आन्तरिक और बाह्य विक्षोभ के कारण नींद में परेशानी हो रही है। मैं आपसे सहायता के…
विजय की प्राप्ति ना केवल बलिदान से, न त्याग से, न ही निर्बलता से होती है। वह केवल एक ऐसे…