श्री मातृमंदिर के 4 प्रवेश द्वारों का श्री माँ द्वारा प्रदत्त आध्यात्मिक आशय :
दक्षिण प्रवेश द्वार – महेश्र्वरी
उत्तर प्रवेश द्वार – महाकाली
पूर्व प्रवेश द्वार – महालक्ष्मी
पश्चिम प्रवेश द्वार – महासरस्वती
तुम इस समय यहाँ, यानी, धरती पर इसलिए हो क्योंकि एक समय तुमने यह चुनाव…
सभी अग्नि-परीक्षाओं के लिए कृतज्ञ होओ क्योंकि वे भगवान की ओर ले जाने वाले छोटे-से-छोटे…
जिसने एक बार अपने-आपको भगवान् के अर्पण कर दिया उसके लिए इसके सिवा कोई और…
अगर तुम अकेले नहीं हो, बल्कि औरों के साथ रहते हों तो ऐसी आदत डालों…
क्या अपने-आपको बुरा-भला कहना प्रगति करने का अच्छा उपाय है ? अपने-आपको बुरा भला-भला…
मधुर माँ, हम स्वप्न में अच्छे और बुरे में कैसे फ़र्क़ कर सकते हैं। सिद्धांत…
योग के दृष्टिकोण से, तुम जो करते हो वह नहीं बल्कि तुम कैसे करते हो…
अगर तुम जीवन में एक भूल करो तो हो सकता है कि तुम्हें सारे जीवन…
(अधिकतर साधक) अहंकारी होते हैं और वे अपने अहंभाव को अनुभव या स्वीकार नहीं करते।…