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श्रीअरविंद (खण्ड १२)

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समग्र योग का अर्थ
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समग्र योग का अर्थ

by श्रीअरविंद 3 सप्ताह ago3 सप्ताह ago
लक्ष्य
290

लक्ष्य

by श्रीअरविंद 3 सप्ताह ago3 सप्ताह ago
  • 380
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    पहली आवश्यकता

    हमारी पहली आवश्यकता श्रद्धा है; क्योंकि भगवान् में, जगत् में और सबसे महत्त्वपूर्ण यह कि भागवत परम सत्ता में श्रद्धा के बिना अभीप्सा या समर्पण...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 4 महीना ago4 महीना ago
  • 1310
    दर्शन संदेश १५ अगस्त २०१८ (२/४)
    श्रीअरविंद के वचन

    भागवत मुहूर्त

    … भागवत मुहूर्त में धो डालो अपनी आत्मा की समस्त आत्म-प्रवञ्चना, पाखण्ड तथा दम्भभरी आत्म-चाटुकारिता को, ताकि तुम सीधे अपनी आत्मा में देख सको और...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 11 महीना ago11 महीना ago
  • 250
    श्रीअरविंद अन्य क्रांतिकारियों के साथ
    श्रीअरविंद के वचन

    योग का अर्थ

    योग का अर्थ संयुक्त होना है तथा योग का सम्पूर्ण लक्ष्य मानव आत्मा की सर्वोच्च सत्ता के साथ तथा मानवता की वर्तमान प्रकृति की सनातन,...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 330
    श्रीअरविंद का चित्र
    श्रीअरविंद के वचन

    चेतना का परिवर्तन

    चेतना के परिवर्तन द्वारा वस्तुओं की बाहरी प्रतीतियों से निकल कर उनके पीछे की सच्चाई में जाना समस्त योग का लक्ष्य है । उसके साथ...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 370
    महर्षि श्रीअरविंद का चित्र
    श्रीअरविंद के वचन

    उच्च अभीप्सा

    अपनी सभी गतिविधियों में संकल्प के पूर्ण समर्पण के माध्यम से भागवत उपस्थिती तथा शक्ति के साथ अपनी आत्मा का एकत्व स्थापित करना कर्मयोग के...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 1790
    महायोगी महर्षि श्रीअरविंद का चित्र
    श्रीअरविंद के वचन

    भगवान की उपलब्धि

    यह योग सत्ता के रूपांतरण का योग है, न कि मात्र आंतरिक सत्ता या भगवान की उपलब्धि का, यद्यपि इसके आधार में वह उपलब्धि ही...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 370
    श्रीअरविंद अपने कक्ष में
    श्रीअरविंद के वचन

    कर्मयोग की उच्च अभीप्सा

    अपनी सभी गतिविधियां में संकल्प के पूर्ण समर्पण के माध्यम से भागवत उपस्थिती तथा शक्ति के साथ अपनी आत्मा का एकत्व स्थापित करना कर्मयोग के...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 1910
    महर्षि श्रीअरविंद का अंतिम दर्शन
    श्रीअरविंद के वचन

    अतिमानव होने का अर्थ

    अतिमानव होने का अर्थ है, दिव्य जीवन जीना, देव होना, क्योंकि देवगण भगवान् की शक्तियाँ हैं। वह मानवता के बीच भगवान् की शक्ति है। भागवत...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 520
    महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    श्रीअरविंद के वचन

    योग क्या है

    जो ‘सर्वोच्च है उसके साथ तुम्हारी सत्ता का सब प्रकार से एक हो जाना—यह योग है। जो अखिल है उसके साथ तुम्हारी सत्ता का सब...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 490
    15 अगस्त 2019 दर्शन संदेश श्रीअरविंद का जन्मदिवस
    श्रीअरविंद के वचन

    अतिमानव कौन है ?

    अतिमानव कौन है? वह जो इस जड़ाभिमुखी भग्न मनोमय मानव सत्ता से ऊपर उठ सके तथा एक दिव्य शक्ति, एक दिव्य प्रेम और आनन्द एवं...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 4 वर्ष ago4 वर्ष ago

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3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सतत ‘उपस्थिती’

    सतत ‘उपस्थिती’

  • महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    आत्मा का अनुगमन

    आत्मा का अनुगमन

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    पूंजीवाद

    पूंजीवाद

  • स्थायी अचंचलता

    स्थायी अचंचलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

    शांति मंत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

    घर और काम में साधना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपात्रता का भाव

    अपात्रता का भाव

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    दो चीज़ें

    दो चीज़ें

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    कभी मत बुड़बुड़ाओ

    कभी मत बुड़बुड़ाओ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

    सचेतन अभीप्सा की अवस्था

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आंतरिक परिवर्तन

    आंतरिक परिवर्तन

  • महर्षि श्रीअरविंद का चित्र
    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

    भागवत तत्त्व आवश्यक वस्तुओं को लिये चलता है

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    निराशा से दूर रहो

    निराशा से दूर रहो

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ कक्षा लेते हुए
    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

    क्या बच्चो को सज़ा देनी चाहिये?

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सच्चा सुख कब ?

    सच्चा सुख कब ?

  • श्रीमाँ का चित्र
    तेरा आश्वासन

    तेरा आश्वासन

  • श्रीअरविंद का चित्र
    आध्यात्मिक जीवन में सफलता

    आध्यात्मिक जीवन में सफलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    प्रार्थना

    प्रार्थना

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