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  2. प्रश्न और उत्तर १९५६

प्रश्न और उत्तर १९५६

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कुछ भी असंभव नहीं
890

कुछ भी असंभव नहीं

by श्री माँ 3 दिन ago3 दिन ago
धर्म और योग में अंतर
1630

धर्म और योग में अंतर

by श्री माँ 2 महीना ago2 महीना ago
  • 10
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्रीअरविंद के वचन

    सच्चे आध्यात्मिक जीवन का आरम्भ

    प्रिय माताजी, हमारा सच्चा आध्यात्मिक जीवन कहां से आरंभ होता है? सच्चा आध्यात्मिक जीवन तब आरंभ होता है जब मनुष्यको अपने चैत्य पुरुषके अंदर भगवान...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 महीना ago2 महीना ago
  • 1000
    श्रीमाँ का सुंदर चित्र
    श्री माँ के वचन

    चैत्य अग्नि

    … चैत्य अग्नि को कैसे प्रज्वलित किया जाये? अभीप्सा के द्वारा। प्रगति करने के संकल्प के द्वारा, पूर्णता-प्राप्ति की उत्कण्ठा के द्वारा। सबसे बढ़ कर,...

    श्री माँ
    by श्री माँ 6 महीना ago6 महीना ago
  • 630
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    भागवत कृपा

    . . . यदि किसी में बिलकुल ही कोई ज्ञान न हो पर भागवत कृपा पर भरोसा हो, यदि उसमें यह श्रद्धा हो कि इस...

    श्री माँ
    by श्री माँ 8 महीना ago8 महीना ago
  • 340
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    आध्यात्मिक जीवन की तैयारी

    “आध्यात्मिक जीवन की तैयारी करने के लिए किस प्रारम्भिक गुण का विकास करना चाहिये?” इसे मैंने बहुत बार बतलाया है, परन्तु यह उसे दोहराने का...

    श्री माँ
    by श्री माँ 9 महीना ago9 महीना ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    हर किसी के पास मत जाओ

    जो लोग इस कारण यातना भोगते हैं कि उन्हें किसी तथाकथित संन्यासी से परिचित होने का दुर्भाग्य प्राप्त हुआ था, उनकी संख्या प्रचुर है, प्रचुर।...

    श्री माँ
    by श्री माँ 10 महीना ago10 महीना ago
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    श्रीअरविंद और श्रीमाँ के दर्शन
    श्री माँ के वचन

    आभासों पर अपनी राय मत दो

    सहज भाव से, और इस विषय में सचेतन हुए बिना ही, लोग आग्रहपूर्वक यह चाहते हैं कि भगवान् हमारी धारणाओं के अनुरूप हों। क्योंकि, बिलकुल...

    श्री माँ
    by श्री माँ 12 महीना ago12 महीना ago
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    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    सामान्य प्रक्रिया

    श्रीअरविंद कहते हैं कि तुम्हे सबसे पहले अपने विषय में सचेतन होना चाहिये, फिर सोचना, और फिर कार्य करना चाहिये। सभी कार्यों से पहले सत्ता...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 340
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    भय – एक अपवित्रता

    भय एक अपवित्रता है, सबसे बड़ी अपवित्रताओं में से एक, उनमें से एक जो उन भगवद्विरोधी शक्तियों के अत्यंत प्रत्यक्ष परिणाम होती हैं जो पृथ्वी...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 450
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ की टॉफी की कहानी
    श्री माँ के वचन

    सबसे उत्तम मार्ग

    संतुलन अनिवार्य है, जो पथ सावधानतापूर्वक विपरीत चरमावस्थाओं से बचता है वह अनिवार्य है, अत्यधिक जल्दबाज़ी खतरनाक है, अधैर्य आगे बढ्ने से तुम्हें रोकता है;...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 380
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    भागवत कृपा पर भरोसा

    … यदि किसी में बिलकुल ही कोई ज्ञान न हो पर भागवत कृपा पर भरोसा हो, यदि उसमें यह श्रद्धा हो कि इस जगत में...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago

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3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    सत्य की शक्ति

    सत्य की शक्ति

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ जापान में
    वर्षों का भार

    वर्षों का भार

  • श्रीमाँ का चित्र
    सच्ची पराजय

    सच्ची पराजय

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    कुछ भी असंभव नहीं

    कुछ भी असंभव नहीं

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    माताजी की ओर खुलना

    माताजी की ओर खुलना

  • महर्षि श्रीअरविंद अपने कक्ष में
    विनम्रता

    विनम्रता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    विनम्र बनने का गलत तरीका

    विनम्र बनने का गलत तरीका

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    मैं तुम्हारे साथ हूं

    मैं तुम्हारे साथ हूं

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सतत ‘उपस्थिती’

    सतत ‘उपस्थिती’

  • महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    आत्मा का अनुगमन

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  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    पूंजीवाद

    पूंजीवाद

  • स्थायी अचंचलता

    स्थायी अचंचलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

    शांति मंत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

    घर और काम में साधना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपात्रता का भाव

    अपात्रता का भाव

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    दो चीज़ें

    दो चीज़ें

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    कभी मत बुड़बुड़ाओ

    कभी मत बुड़बुड़ाओ

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