ऑरोदुनिया

श्रीअरविंद और श्रीमाँ का संसार

  • परिचय
  • श्रीअरविंद के वचन
  • श्री माँ के वचन
  • श्रीअरविंद की अलौकिक कहानी
  • श्रीमाँ की अलौकिक कहानी
  • खामोश आवाजें
  • अनुभूतियाँ
ऑरोदुनिया community Create a post

ऑरोदुनिया

  1. Home
  2. प्रश्न और उत्तर १९५०-१९५१

प्रश्न और उत्तर १९५०-१९५१

Recent
  • Most Voted
  • Most Viewed
  • Most Discussed
  • Recent
  • Featured
  • Random
संगति का असर
670

संगति का असर

by श्री माँ 3 महीना ago3 महीना ago
अवसाद
150

अवसाद

by श्री माँ 8 महीना ago8 महीना ago
  • 560
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    अपने चरित्र को बदलने का प्रयास करना

    सबसे पहले हमें सचेतन होना होगा, फिर संयम स्थापित करना होगा और लगातार संयम को बनाये रख कर हम अपनें स्वभाव को परिवर्तित कर लेते...

    श्री माँ
    by श्री माँ 9 महीना ago9 महीना ago
  • 210
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ का चित्र
    श्री माँ के वचन

    अशुभ और बुरा

    एक प्राचीन मनीषी ने कहा है : ” अशुभ नाम की कोई चीज़ नहीं है । बस, संतुलन की कमी है । ” “कोई चीज़...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 490
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    काल्पनिक कहानियाँ

    क्या काल्पनिक कहानियों का कोई मूल्य नहीं होता? यह निर्भर करता है कल्पना के स्वरूप पर। यदि तुम यह कहो कि अपनी कल्पना-शक्ति को विकसित...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 380
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    केवल एक सहारा

    भगवान के सिवा कभी किसी दूसरे मनुष्य या दूसरी वस्तु पर, वह चाहे जो हो निर्भर नहीं करना। कारण, यदि तुम किसी व्यक्ति का सहारा...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 700
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    उदारता

    . . .  मैं यहाँ भौतिक उदारता की चर्चा नहीं करूँगी जिसका स्वाभाविक स्वरूप है अपने पास जो कुछ हो उसे दूसरों को देना। परंतु...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 270
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ कक्षा लेते हुए
    श्री माँ के वचन

    बच्चों को डांट नहीं

    बच्चे को कभी डाँटना-फटकारना नहीं चाहिये। माता-पिताओं की बुराई करने के लिए मुझे दोष दिया जाता है ! परन्तु मैंने उन्हें यह करते हुए देखा...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 860
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    आध्यात्मिक जीवन के लिए तैयारी

    क्या ऐसे चिन्ह है जो यह बतलाते हैं कि मनुष्य इस पथ के लिए तैयार हो गया है, विशेषकर जब उसे आध्यात्मिक गुरु न प्राप्त...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 490
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    चीजों का तरीका

    … अगर हर एक जो कुछ जरूरी है वह करे और भरसक अधिक-से-अधिक करे तो एक ऐसी स्थिति तक पहुंच जाना सम्भव है जहां से...

    श्री माँ
    by श्री माँ 3 वर्ष ago3 वर्ष ago
  • 290
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    सच्चा विश्राम

    मैं अत्यन्त बुद्धिशाली, श्रेष्ठ कलाकार लोगों से परिचित थी जो, जैसे ही वे “शिथिल होना” आरम्भ करते, एकदम मूढ़ बन जाते! वे अत्यन्त अश्लील कार्य ...

    श्री माँ
    by श्री माँ 6 वर्ष ago6 वर्ष ago
  • 420
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    विवेकपूर्ण कैसे बनें ?

    चेतना की उच्चतर स्थिति में पहुंचने से पहले एक ऐसी स्थिति आती है जहाँ मनुष्य अपने अन्दर तर्क-शक्ति को-एक स्पष्ट सुनिश्चित युक्तिसंगत तर्क-बुद्धि को विकसित...

    श्री माँ
    by श्री माँ 6 वर्ष ago6 वर्ष ago

श्रेणियां

  • श्रीअरविंद के वचन
  • श्री माँ के वचन
  • श्रीअरविंद की अलौकिक कहानी
  • श्रीमाँ की अलौकिक कहानी
  • संस्मरण
  • अनुभूतियाँ
  • दर्शन संदेश
  • खामोश आवाजें
  • आंरोंविल
  • अन्य
3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
  • श्रीअरविंद के पत्र
    ध्यान का अर्थ

    ध्यान का अर्थ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ की कहानी
    आत्मसमर्पण

    आत्मसमर्पण

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    माताजी का घेरा

    माताजी का घेरा

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपना मार्ग खोजना

    अपना मार्ग खोजना

  • क्या तुम युवा हो ?

    क्या तुम युवा हो ?

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ , श्रीअरविंद आश्रम के आयुर्वेदिक केंद्र में
    रोगी की श्रद्धा

    रोगी की श्रद्धा

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    प्रार्थना

    प्रार्थना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    मृत्यु की अनिवार्यता

    मृत्यु की अनिवार्यता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    चुनाव करना

    चुनाव करना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अनुभव का क्षेत्र

    अनुभव का क्षेत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सच्चा उत्तर

    सच्चा उत्तर

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आश्वासन

    आश्वासन

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    प्रार्थना

    प्रार्थना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    धर्म और योग में अंतर

    धर्म और योग में अंतर

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    व्यक्तिगत जीवन का प्रयोजन

    व्यक्तिगत जीवन का प्रयोजन

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सच्चे आध्यात्मिक जीवन का आरम्भ

    सच्चे आध्यात्मिक जीवन का आरम्भ

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    खेल-प्रतियोगिताएं और प्रगति

    खेल-प्रतियोगिताएं और प्रगति

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    धर्म की गलती

    धर्म की गलती

© 2026 श्रीअरविंद और श्रीमाँ के चरणों में In Search of The Mother

log in

Captcha!
Forgot password?

forgot password

Back to
log in