ऑरोदुनिया

श्रीअरविंद और श्रीमाँ का संसार

  • परिचय
  • श्रीअरविंद के वचन
  • श्री माँ के वचन
  • श्रीअरविंद की अलौकिक कहानी
  • श्रीमाँ की अलौकिक कहानी
  • खामोश आवाजें
  • अनुभूतियाँ
ऑरोदुनिया community Create a post

ऑरोदुनिया

  1. Home
  2. कर्म के ऊपर

कर्म के ऊपर

Recent
  • Most Voted
  • Most Viewed
  • Most Discussed
  • Recent
  • Featured
  • Random
बिना थके काम करना
270

बिना थके काम करना

by श्री माँ 1 वर्ष ago2 महीना ago
पहले अपने अंदर …
260

पहले अपने अंदर …

by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 260
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    अन्याय का दण्ड

    माताजी, क्या भगवान् अन्याय के दण्ड देते हैं ? क्या भगवान् के लिये किसी को दण्ड देना सम्भव है ? भगवान् चीजों को उस तरह...

    श्री माँ
    by श्री माँ 1 वर्ष ago1 वर्ष ago
  • 690
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    कम बोलो

    जब कोई काम करना हो तब उसके बारे में जितना ही कम बोलो उतना ही अच्छा है । संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-२)

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 270
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    दिव्य लीला

    सारा काम खेल होना चाहिए, लेकिन वह हो दिव्य लीला, जिसे स्वयं भगवान के साथ और भगवान के लिये खेला जाता है । संदर्भ :...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 250
    श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    श्री माँ के वचन

    परिश्रम और ऊर्जा

    यदि तुम घोर परिश्रम न करो तो तुम्हें ऊर्जा नहीं मिलती, क्योंकि उस स्थिति में तुम्हें उसकी जरूरत नहीं होती और तुम उसके योग्य भी...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 600
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ का चित्र
    श्रीअरविंद के वचन

    इस सिद्धान्त का पालन करो

    न केवल अपनी आन्तरिक एकाग्रता में बल्कि अपनी बाह्य क्रियाओं व गतिविधियां में भी तुम्हें उचित मनोवृत्ति अपनानी चाहिये। यदि तुम ऐसा करो और प्रत्येक...

    श्रीअरविंद
    by श्रीअरविंद 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 210
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    हस्तक्षेप

    एक सामान्य नियम के रूप में ज्यादा अच्छा यह है कि जो चीजें तुम्हारे काम से सम्बन्धित नहीं हैं उनमें हस्तक्षेप न करो । संदर्भ...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 320
    श्रीमाँ की मुद्रा
    श्री माँ के वचन

    भगवान को भूलना

    जब हम मानसिक प्रवुत्तियों में अथवा बुद्धि के व्यापारों में एकाग्र रहते हैं, तब कभी-कभी भगवान को क्यों भूल जाते अथवा उनका स्पर्श क्यों गवां...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 880
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ मीरा
    श्री माँ के वचन

    सच्चा आनंद

    तुम जो कुछ करो उसमें मज़ा लेने की कोशिश करो । तुम जो कुछ करो उसमें तुम्हें रस हो तो तुम उसे मज़ा लेकर कर...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 190
    श्री माँ के वचन कर्म के ऊपर
    श्री माँ के वचन

    अध्यवसाय

    अध्यवसाय के द्वारा ही तुम कठिनाइयों को पार कर सकते हो, उनसे भाग कर नहीं । जो अध्यवसाय करता है वह निश्चय ही जीत जायेगा...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago
  • 840
    श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    श्री माँ के वचन

    चेतना का महत्व

    तुम जो कुछ भी करो वह उपयोगी हो उठता है यदि तुम उसमें सत्य-चेतना की एक चिंगारी रख दो। तुम जो कर्म करते हो उसकी...

    श्री माँ
    by श्री माँ 2 वर्ष ago2 वर्ष ago

श्रेणियां

  • श्रीअरविंद के वचन
  • श्री माँ के वचन
  • श्रीअरविंद की अलौकिक कहानी
  • श्रीमाँ की अलौकिक कहानी
  • संस्मरण
  • अनुभूतियाँ
  • दर्शन संदेश
  • खामोश आवाजें
  • आंरोंविल
  • अन्य
3 conditions of yoga auroville bases of yoga Mirra Alfassa Priti Das Gupta Sri Aurobindo Ashram sri aurobindo The Mother The Mother of Sri Aurobindo Ashram Pondicherry The Mother on Sports अध्यात्मिकता आंरोंविल आश्वासन कृपा निद्रा और स्वप्न पूर्ण योग प्रीति दास गुप्ता भागवत उपस्थिती भारत के लिये संदेश माताजी की झाकियां माताजी के वचन भाग-१ माताजी के वचन भाग-२ माताजी के वचन भाग - ३ माताजी के विषय में मातृवाणी योग योग समन्वय यौवन वयवहारिक ज्ञान साधकों के लिये विचार और सूत्र के प्रसंग में विश्वास व्यावहारिक ज्ञान साधकों के लिये शिक्षा के ऊपर श्रद्धा श्री अरविंद श्रीअरविंद श्रीअरविंद के वचन श्री अरविद श्री माँ श्री माँ अपने बारे में श्री माँ के बारें में श्री माँ के बारे में श्री माँ के संस्मरण श्री माँ शरीर के बारें में साधना साधना के संकेत श्री माँ द्वारा
  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    वही सोचो जो तुम बनना चाहते हो

    वही सोचो जो तुम बनना चाहते हो

  • श्रीअरविन्द आश्रम की श्रीमाँ
    मेरे आशीर्वाद बहुत भयंकर हैं 

    मेरे आशीर्वाद बहुत भयंकर हैं 

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ
    सत्य की शक्ति

    सत्य की शक्ति

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ जापान में
    वर्षों का भार

    वर्षों का भार

  • श्रीमाँ का चित्र
    सच्ची पराजय

    सच्ची पराजय

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    कुछ भी असंभव नहीं

    कुछ भी असंभव नहीं

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    माताजी की ओर खुलना

    माताजी की ओर खुलना

  • महर्षि श्रीअरविंद अपने कक्ष में
    विनम्रता

    विनम्रता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    विनम्र बनने का गलत तरीका

    विनम्र बनने का गलत तरीका

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

    आध्यात्मिक जीवन की बाधा

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    मैं तुम्हारे साथ हूं

    मैं तुम्हारे साथ हूं

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    सतत ‘उपस्थिती’

    सतत ‘उपस्थिती’

  • महाप्रभु श्रीअरविंद घोष
    आत्मा का अनुगमन

    आत्मा का अनुगमन

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    पूंजीवाद

    पूंजीवाद

  • स्थायी अचंचलता

    स्थायी अचंचलता

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    शांति मंत्र

    शांति मंत्र

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    घर और काम में साधना

    घर और काम में साधना

  • श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
    अपात्रता का भाव

    अपात्रता का भाव

© 2026 श्रीअरविंद और श्रीमाँ के चरणों में In Search of The Mother

log in

Captcha!
Forgot password?

forgot password

Back to
log in