सच्चे आध्यात्मिक जीवन का आरम्भ
प्रिय माताजी, हमारा सच्चा आध्यात्मिक जीवन कहां से आरंभ होता है? सच्चा आध्यात्मिक जीवन तब आरंभ होता है जब मनुष्यको अपने चैत्य पुरुषके अंदर भगवान...
प्रिय माताजी, हमारा सच्चा आध्यात्मिक जीवन कहां से आरंभ होता है? सच्चा आध्यात्मिक जीवन तब आरंभ होता है जब मनुष्यको अपने चैत्य पुरुषके अंदर भगवान...
भौतिक जगत में, हमें जो स्थान पाना है उसके अनुसार हमारे जीवन और कार्य के लिए जो कुछ अनिवार्य हो वह हमें मिल जाता है।...
“आध्यात्मिक जीवन की तैयारी करने के लिए किस प्रारम्भिक गुण का विकास करना चाहिये?” इसे मैंने बहुत बार बतलाया है, परन्तु यह उसे दोहराने का...
यहाँ पर हमारा कोई धर्म नहीं है। हम धर्म के स्थान पर आध्यात्मिक जीवन को रखते हैं जो एक ही साथ अधिक सच्चा , अधिक...
एक आन्तरिक विनम्रता अत्यंत आवश्यक है, किन्तु मुझे नहीं लगता कि बाहरी विनम्रता बहुत उपयुक्त है (निस्संदेह दूसरों के साथ बाहरी व्यवहार में घमण्ड या...
…विनम्रता पहली आवश्यकता है, क्योंकि जिसमें अहंकार और घमण्ड है वह परम या उच्चतम की सिद्धि नहीं पा सकता। संदर्भ : श्रीअरविंद के पत्र
चूंकि मेरी प्रकृति कमजोर है इसलिए साधारण चीजों को त्यागना कठिन हो जाता है। लेकिन, यह निश्चित है कि मैं केवल आपको ही चाहता हूँ।...
सामान्य जीवन से बस व्याकुलता भरा असंतोष इस योग के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं है। आध्यात्मिक जीवन में सफलता पाने के लिए एक निश्चित आंतरिक...
माँ, ऐसी कौन-सी चीज़ है हो मुझे हमेशा यह याद रखने में सहायता देगी कि मैं आध्यात्मिक जीवन जी रहा हूँ ? श्री माँ...
…. आध्यात्मिक जीवन जीने का अर्थ है अपने अन्दर दूसरे जगत के प्रति खुलना। यह मानों अपनी चेतना को उलटना है। साधारण मानव- चेतना, यहां...