• अदालत जहां श्रीअरविंद का मुकदमा चला

    मुक़द्दमे के विचित्र जीव

    मुक़द्दमे का स्वरूप कुछ विचित्र था। मजिस्ट्रेट, परामर्शदाता, साक्षी, साक्ष्य Exhibits (साक्ष्य-सामग्री), आसामी सभी विचित्र। दिन-पर-दिन उन्हीं गवाहों और Exhibits का अविराम प्रवाह, उसी परामर्शदाता...

  • अदालत जहां श्रीअरविंद का मुकदमा चला

    ठाठ-बाट क्रमशः कम होने लगा

    पन्द्रह-सोलह दिन की बन्दी अवस्था के बाद स्वाधीन मनुष्य-जीवन का संसर्ग और एक-दूसरे का मुख देख दूसरे कैदी अत्यन्त आनन्दित हुए ।गाडी में चढ़ते ही...

  • श्रीअरविंद की अदालत

    मुक़द्दमा शुरू हुआ

    इस अवस्था को घनीभूत होने में कुछ दिन लगे, इसी बीच मजिस्ट्रेट की अदालत में मुक़द्दमा शुरू हुआ। निर्जन कारावास की नीरवता से हठात् बाह्य...

  • कारावास की कहानी

    भगवान् मंगलमय हैं

    मेरे निर्जन कारावास के समय डाक्टर डैली और सहकारी सुपरिंटेंडेंट साहब प्रायः हर रोज़ मेरे कमरे में आ दो-चार बातें कर जाते। पता नहीं क्यों,...

  • श्रीअरविंद की काल कोठरी

    शयन-सुख

    इस तप्त कमरे में बिस्तर के नाम को थे दो जेल के बने मोटे कम्बल तकिया नदारद, एक कम्बल को नीचे बिछा लेता और दूसरे...

  • श्रीअरविंद का अलीपुर जेल में कमरा

    पानी की व्यवस्था

    नहाने की व्यवस्था से पीने के पानी की व्यवस्था और भी निराली थी। गर्मी का मौसम, मेरे छोटे-से कमरे में हवा का प्रवेश लगभग निषिद्ध...

  • कारावास की कहानी

    नहाने का सुख

    गृह-सामग्री में और भी चीजें थीं: एक नहाने की बाल्टी, पानी रखने को एक टीन की नलाकार बाल्टी और दो जेल के कम्बल। स्नान की...