आध्यात्मिक जीवन की पहली आवश्यकता

…विनम्रता पहली आवश्यकता है, क्योंकि जिसमें अहंकार और घमण्ड है वह परम या उच्चतम की सिद्धि नहीं पा सकता ।

संदर्भ : श्रीअरविंद के पत्र

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