योग के विषय में ग़लत धारणाएँ – ३


महायोगी महर्षि श्रीअरविंद

योग का उद्देश्य कोई महान् योगी या अतिमानव होना नहीं है । यह योगको अहंकारपूर्ण ढंगसे ग्रहण करना है और इससे कोई भलाई नहीं हो सकती । इससे पूरी तरह बचो ।

संदर्भ : श्रीअरविंद के पत्र (भाग-२)


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