समस्त धन-सम्पदा

समस्त धन-सम्पदा भगवान् की है, भगवान् उसे जीवित प्राणियों को उधार देते है और स्वभावत: उसे उन्हें भगवान् के पास लौटा देना चाहिये ।

संदर्भ : माताजी के वचन (भाग – १) 

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